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ghost part 13 mot ka kel

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मित्रो मेरा नाम रहमान है और मै उत्तर प्रदेश का रहने वाला हु | आज मै आपको मेरे मित्र के साथ घटी एक सच्ची घटना पेश करने जा रहा हु | मेरे मित्र का नाम वसीम है और हम बचपन से ही बहुत अच्छे दोस्त है और हमारी हर एक बात एक दुसरे से शेयर करते है | हम जब कॉलेज में आये थे तब उसकी सगाई हो गयी थी | वो उसकी मंगेतर से, जिसका नाम रेशमा था , से बहुत प्यार करता था और वो दोनों रात भर मोबाइल पर बाते करते रहते है | world press एक दिन की बात है उसने मुझे बताया कि वो उसकी मंगेतर से रात को बात कर रहा था | वसीम ने उसकी मंगेतर को मिलने के लिए बोला तो उसकी मंगेतर बदली हुई आवाज में बोली “तू ज्यादा मत बोल वरना तेरको वही दफन कर दूंगी ” | वसीम एक बार तो ये सुनकर चौंक गया और फिर सोचा वो शायद मजाक कर रही होंगी | फिर वसीम भी उसको मजाक में बोला “क्या कर लेगी तू मेरा, देखते है ” तो वो फिर बोली “आज रात देख तेरे साथ क्या होता है “| यह कहकर उसने मोबाइल रख दिया | R.ahuja channel अगली सुबह जब वसीम मुझसे मिला तो वो अपनी आप बीती बताने लगा | उसने मुझे रात को फ़ोन वाली बात बताई और उस रात उसके साथ जो हुआ वो ...

ghost part 11

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जब रावण ने देखा कि हमारी पराजय निश्चित है तो उसने 1000 अमर राक्षसों को बुलाकर रणभूमि में भेजने का आदेश दिया। ये ऐसे थे जिनको काल भी नहीं खा सका था तो उनका अंत कैसे हुआ web heetlh and fitness यह कोई काल्पनिक कहानी या फिल्म की कहानी नहीं है बल्कि आँखों देखा सच है! मैं कंपनी की ओर से पिकनिक पर गया हुआ था! पिकनिक शहर के बाहर एक रेसोर्ट में थी! पहले कंपनी के लोगों ने क्रिकेट और अन्य खेल खेले, उसके बाद रेसोर्ट में ही बने वाटर पार्क में चले गए ! वहां केवल कुछ लोगों को ही तैरना आता था, वो सब गहरे पानी मैं तैर रहे थे, बाकी सब कम गहरे पानी में तैर रहे थे ! हम दोस्तों में एक शर्त लगी, पानी मे एक सिक्का फैका जायेगा और जो सब से कम समय में सिक्का ढून्ढ के लायेगा वह जीत जाएगा! सब ने बारी बारी से गोता लगाया मगर किसी को सिक्का मिला तक नहीं ! अगली बारी मेरी थी ! मैं भी कूद गया, लेकिन पानी में जाते ही दृश्य बदल गया !मैंने पाया कि जमीन 20 या 25 फीट दूर थी ! नीचे एक कब्रिस्तान दिखाई दे रहा था! वहाँ एक औरत खड़ी थी जो चेहरे और पोशाक से भारतीय नहीं लग रही थी ! उसके हाथ मे वही सिक्का था! वह अपना हा...

ghost part 9

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एक दिन की बात हैं , ठंड का समय था घना कोहरा छाया था सारे लोग जल्दी कार्यालय का काम ख़त्म करके घर की तरफ निकल रहे थे ! नाना जी उस समय के बड़े अधिकारियों मे से एक थे ! वे उस समय के उच्च वर्ग के लोगों मे एक अमीन का काम करते थे ! रोज की तरह ही उस दिन कम ख़त्म होने के बाद घर के लिए अपनी गाड़ी से रवाना होने लगे ! रास्‍ते में उन्हे हाट से कुछ समान भी लेना था तो वे और साथियों से अलग हो गये ! उन्होने घर की कुछ जरूरत के समान लिए और गाड़ी आगे बढ़ा दी ! R ahuja channel आगे जाने पर उन्हे कुछ मछली बाज़ार दिखा और वे मछली खरीदने के लिए रुक गये ! ताज़ी मछलियाँ लेने और देखने मे टाइम ज़्यादा ही गुजर गया ! उनकी जब अपनी घड़ी पर नज़र गई तो उन्हे आभास हुआ की आज तो घर जाने मे बहुत देर हो जाएगी और ये सब लेकर घर पहुचने मे काफ़ी समय लग जाएगा ! फिर यही सब सोच कर उन्होने सोचा कि क्यू ना जंगल के रास्ते से निकला जाए तो जल्दी पहुँच जाउँगा ! तो उन्होने अपना रास्ता बदला और जंगल की तरफ़ अपनी गाड़ी को घुमा लिया ! समय ११ बज चुका था गाड़ी तेज रफ़्तार से आगे बढ़ रहां था तभी अचनाक तेज ब्रेक के साथ गाड़ी को ...

ghost part 7

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भूत-प्रेत जैसी बातों पर यकीन नहीं करने वाले लोग कभी इस बात पर विश्वास नहीं करते कि इंसानी दुनिया में भी कुछ ऐसी पारलौकिक शक्तियां होती हैं जिन्हें समझ पाना बहुत मुश्किल होता है. उनके लिए यह सब सिर्फ मनगढ़ंत और काल्पनिक तथ्य है जिसे सिर्फ मनोरंजन के तौर पर ही प्रयोग किया जाता है. ऐसे में जाहिर है वह व्यक्ति सच का पता लगाने के लिए कुछ ना कुछ इंतजाम तो जरूर करेगा और हो सकता है उन world press  इंतजामों में उसे वो भी दिख जाए जिसके बारे में वह कभी सोच भी नहीं सकता था.ऐसा ही कुछ हुआ ऑस्ट्रेलिया के तस्मानिया शहर में रहने वाले एक पुरुष के साथ. इस पुरुष के साथ हर समय अजीबोगरीब घटनाएं होती थीं, वह जब भी घर में होता था उसे यही लगता था कि उसके आसपास आत्माओं का पहरा है. उसे घर की रसोई से हर समय अजीबोगरीब आवाजें आती थीं जिसके चलते उसे यह यकीन सा हो गया था कि कुछ ना कुछ ऐसा है जो हर समय उसकी नजर से बच जाता है. QUORA subscribe अपनी इस परेशानी का हल खोजने के लिए उसने एक ऐसी तरकीब निकाली जिसकी सहायता से वह सोच रहा था कि उसकी इस दुविधा का अंत हो जाएगा लेकिन किसे पता था कि यह उस...

ghost part 6

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कभी यह स्थान बहुत खूबसूरत हुआ करता था लेकिन आज इसे शैतानी रूहों ने अपने कब्जे में ले लिया है. यह आत्माएं इतनी खतरनाक और दुष्ट हैं कि दिन ढलते ही जो भी व्यक्ति अपनी मौजूदगी यहां दर्ज करवाता है उसे वह अपना शिकार बना लेती हैं. world press बहुत से लोग हैं जिन्हें आत्माओं, पारलौकिक शक्तियों और शैतानी ताकतों जैसी किसी भी चीज पर विश्वास नहीं होता, वह ऐसी बातों को मनगढंत मानकर झुठला देते हैं लेकिन यह भी सच है कि किसी के झुठलाने से या टाल देने से सच नहीं बदलता. भोपाल के शिवपुरी में स्थित 2100 साल पुराना किला एक जमाने पहले बेहद खुशनुमा हुआ करता था. लेकिन अब यहां रात तो क्या दिन में कोई आने का साहस नहीं करता. लोगों का कहना है कि यहां रात के समय घुंघुरुओं की आवाजें आती हैं जो दूर-दूर तक लोगों को सुनाई देती हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन ढलते ही यहां महफिल जमती है जिसमें प्रेत-आत्माएं शामिल होती हैं और जिन-जिन लोगों ने उस महफिल को देखा उनकी तुरंत ही मौत हो गई. links bnaho se paytm kmaho भोपाल के शिवपुरी में एक छोटा सा कस्बा है पोहरी, जहां यह किला स्थित है. इस स्थान के ...

ghost part 3

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पहले तो लोगों को शक हुआ की कहीं लाल जी नाम के आदमी ने ही तो नहीं भेजा है इसे तंत्र मंत्र करके। लेकिन इस बात की पुष्टि के लिए समस्या के समाधान के लिए सबने लाल जी से मिलने की ठान ली। कुछ व्यक्ति उस आदमी के घर के सदस्यों के साथ मिलकर जो गाँव उसने बताया था उस तरफ चल पड़े लाल जी से मिलने। जब वो लोग लाल जी के पास पहुंचे तो उन्होंने सबसे पहले ये आज़माया की कहीं इसी आदमी ने तो कोई तंत्र मंत्र नहीं किया। इस बात की पुष्टि के लिए उन्होंने आस पास के लोगो से पूछताछ की सबने बताया की वो तो जल्दी पूजा भी नहीं करता तंत्र मंत्र की तो बात ही दूर है। web health and fitness इस बात ने सबको सकते में डाल दिया और अब वो लोग लाल जी के पास पहुंचे। और उन्हें सारी घटना से अवगत करवाया। लाल जी पहले से ही भूत प्रेतों के नाम से भागा करते थे, जब उन्हें पता चला की कोई भूत प्रेत उन्हें बुला रहा है तो उन्हें पाँव के नीचे से जमीन सरक गयी। और उन्होंने जाने से साफ़ मना कर दिया। इस बात से वहां मौजूद लोगों को इस बात की तो तसल्ली हो गयी थी की ऐसा आदमी कोई तंत्र मंत्र नहीं कर सकता। फिर उन्होंने लाल जी से साथ चलने और उससे...

ghost. part 2

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दोस्तों भूत प्रेत से सम्बंधित घटनाओं में ज्यादातर घटनाये रोंगटे खड़ी कर देती हैं। तो कुछ इतनी मार्मिक होती हैं के दिल भर आता है। लेकिन मेरे जीवन से जुड़ी एक घटना ऐसी भी है जिसे याद करके हंसी आ जाती है। जाने अनजाने में मेरी मम्मी के मामा जी के साथ ये घटना घटी थी। बस थोड़े से आलस की वजह से उनके पीछे ऐसी मुसीबत लगी जिससे उन्हें निजात पाने में सालों लग गए। world press वो गाँव में रहा करते थे। उनका नाम तो अच्छा खासा है मगर गाँव में अक्सर चिढ़ाने के लिए जो नाम रख दिया जाता है वो नाम पूरी जिंदगी के लिए पीछे लग जाता है। इसी संक्षिप्तिकरण और मजाक में उनका नाम बचपन में ही लाल जी पड़ गया था। वो इसी नाम से पहचाने जाने लगे। वो जिस गाँव में रहते थे वो अमेठी से करीब पेंतालिस किलोमीटर दूर पड़ता है। उनका घर गाँव में सबसे किनारे पर था। और उनके घर से करीब ढाई सौ मीटर की दूरी पर रेलवे लाइन थी। और रेलवे लाइन के पार एक बहुत बड़ा बरगद का पेड़ था और चबूतरा बना था, उन्हें लोग पहलवान बाबा के अर्थान (पूजा का स्थान) के नाम से जानते थे। सबको उनपर बहुत श्रद्धा थी, जिसका परिणाम भी उन्हें अच्छे के रूप मिलता था। आ...

ghost

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मुकेश और मैं एक ही कंपनी में काम किया करते थे। एक रोज हमें ट्रेनिंग पर भेज दिया गया। हमारी इससे पहले औपचारिक बातें ही हुआ करती थी। पर ट्रेनिंग पर हमें एक दूसरे को जानने का मौका मिला। हमें कमरे में एक साथ ही रूकना था। साथ रहकर हम world press  आपस में काफी घुल मिल गए थे। , अक्सर रात को मुझ पर से चादर हट जाती तो मुकेश मुझे चादर ओढ़ा दिया करता था। मैंने उससे पूछा,’’क्यो जागते रहते हो रात भर।  मेरी तो आदत है करवट बदल-बदल कर सोने की चादर तो टिकती ही नहीं‘‘।  मुकेश ने मेरी बात का कोई जवाब नहीं दिया। अगले दिन वो कुछ शांत नजर आने लगा।  रात को सोते समय मुकेश ने जो मुझे बताया वो न केवल दिलचस्प था बल्कि कुछ ऐसा था जो मैंने ना तो कभी सुना ना ही कभी महसूस किया।  ऐसा कम ही देखने को मिलता है। बात केवल विश्वास की रह जाती है।  मुकेश ने कहना शुरू किया।  आप शायद यकीन ना करें 2003 का साल था। टीवी देखना, लाइब्रेरी जाना, दोस्तों से मिलना-जुलना मेरी दिनचर्या बनी हुई थी।  ऐसे में एक दिन मैं अपने दोस्त से मिलने उसके घर गया हुआ था। पता चला मेरे छोटे भाई दिनेश की ...