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ghost part 19

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एक रात मेने चाचा जी से सुना कि गाँव में नदी के पार कुछ रहता है जो अपनी मर्जी से कोई भी रूप ले लेता है और उसके हसने की आवाज़ बहुत डरावनी होती है जो दूर दूर तक सुनाई देती है | उसका असली रूप जिसने देखा उनमे से कुछ तो मर गए और बचे हुए उसके भयानक रूप के बारे में किसी को नहीं बताते थे | गाँव के लोग डर के मारे उसका नाम लेने के बजाय “वो ” ही कहते थे | links banjo paytm banho खैर उस रात मेने ये सारी बात अपने दोस्तों को बताई और साथ चलने को बोला | कुछ तो डर गए और कुछ मेरे साथ चलने को तैयार हो गए | अब हम चार दोस्त मै , बिट्टू , पवन और अशोक नदी की तरफ चल पड़े | हम खेतो में से जा रहे थे और आस पास कोई नहीं था | फिर हम नदी के ऊपर बने पुल से नदी पार करके बंजर जगह पर पहुच गए जहा बहुत से आंक के पौधे थे जिसके ऊपर आम जैसे फल लगे होते है जिसके अंदर रुई जैसा कुछ होता है | हमे बाद में पता चला कि कि रात को उस पर थूकने से “वो ” पीछे पड़ जाता है | पवन ने आम समझकर उसे खा लिया और कडवा होने की वजह से वही पौधे पर थूक दिया | feachetpoint se paytm banho अचानक हमे पीछे से किसी के दौड़ने की आवाज़ आयी ...

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मुकेश और मैं एक ही कंपनी में काम किया करते थे। एक रोज हमें ट्रेनिंग पर भेज दिया गया। हमारी इससे पहले औपचारिक बातें ही हुआ करती थी। पर ट्रेनिंग पर हमें एक दूसरे को जानने का मौका मिला। हमें कमरे में एक साथ ही रूकना था। साथ रहकर हम world press  आपस में काफी घुल मिल गए थे। , अक्सर रात को मुझ पर से चादर हट जाती तो मुकेश मुझे चादर ओढ़ा दिया करता था। मैंने उससे पूछा,’’क्यो जागते रहते हो रात भर।  मेरी तो आदत है करवट बदल-बदल कर सोने की चादर तो टिकती ही नहीं‘‘।  मुकेश ने मेरी बात का कोई जवाब नहीं दिया। अगले दिन वो कुछ शांत नजर आने लगा।  रात को सोते समय मुकेश ने जो मुझे बताया वो न केवल दिलचस्प था बल्कि कुछ ऐसा था जो मैंने ना तो कभी सुना ना ही कभी महसूस किया।  ऐसा कम ही देखने को मिलता है। बात केवल विश्वास की रह जाती है।  मुकेश ने कहना शुरू किया।  आप शायद यकीन ना करें 2003 का साल था। टीवी देखना, लाइब्रेरी जाना, दोस्तों से मिलना-जुलना मेरी दिनचर्या बनी हुई थी।  ऐसे में एक दिन मैं अपने दोस्त से मिलने उसके घर गया हुआ था। पता चला मेरे छोटे भाई दिनेश की ...

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world press आज तेरे लिए वक्त का इशारा है, देखता ये जहां सारा है, फिर भी तुझे रास्तों की तलाश है, आज फिर तुझे मंज़िलो ने पुकारा है। affiliate links health and fitness